Category Archive : राज्य

Dehradun: कुट्टू का आटा खाने से बीमार पड़े कई लोग, हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे CM पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री.

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कुट्टू का आटा खाने कई लोग बीमार पड़ गए। राजधानी के कोरोनेशन और दून अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज़ भर्ती हैं। सीएम धामी और स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने देहरादून जिला अस्पताल में जाकर बीमार हुए लोगों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मरीजों को बेहतर उपचार के लिए अस्पताल प्रशासन को दिशा निर्देश दिए।

बताया जा रहा है कि कुट्टू का आटा खाने से फूड प्वाइजनिंग हुई है। लगभग सौ से ज्यादा लोग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस घटना के कारणों की जांच के लिए डॉ रावत ने स्थानीय प्रशासन को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं  विकासनगर, पटेलनगर, कोतवाली क्षेत्र से देहरादून के विभिन्न स्टोरों ,गोदामों में कुट्टू का आटा वितरित किया गया है। पुलिस द्वारा तत्काल संबंधित दुकानों,गोदामों से उक्त कुट्टू के आटे को जप्त किया गया। लगातार कार्रवाई जारी है।

मामले तत्काल पुलिस द्वारा 22 दुकानों/स्टोरों को चिन्हित कर उन पर रेड कर सील कर दिया गया, जहां से लोगों द्वारा कुट्टू के आटे को खरीदकर उसका सेवन किया गया था। पुलिस प्रशाशन की टीमों द्वारा लगातार उक्त दुकानों व स्टोरों में छापा मारा गया। ऐसे सभी खाद्य पदार्थों को भी सीज किया गया है जिसमें मिश्रण किए जाने की सम्भावना है।

दुकानदारों को थाने लाकर सघन पूछताछ की जा रही है। अबतक की प्राथमिक पूछताछ में जानकारी प्राप्त हुई है कि उक्त कट्टू के आटे का मेन सप्लायर सहारनपुर का है। जिस सम्बन्ध में जिलाधिकारी सहारनपुर से वरिष्ठ पुलिस अधिक्षक देहरादून  ने वार्ता कर सप्लायर के गोदाम में कार्यवाही करने के लिए बताया गया है। देहरादून से भी तत्काल एक पुलिस टीम गठित कर सहारनपुर रवाना की गई है।

Chardham Yatra 2025: पंजीकरण का आंकड़ा पहुंचा 10 लाख पार… केदारनाथ धाम जाने के लिए हुए सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन.

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चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन आधार आधारित पंजीकरण का आंकड़ा 10 लाख पार हो चुका है। इसमें केदारनाथ धाम के लिए सबसे अधिक 3.29 लाख तीर्थयात्री पंजीकरण कर चुके हैं। यात्रा शुरू होने के बाद 40 प्रतिशत पंजीकरण ऑफलाइन किए जाएंगे।

पर्यटन विभाग ने 30 अप्रैल से शुरू हाे रही चारधाम यात्रा के लिए 20 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया था। 10 दिन के भीतर यात्रा के लिए अलग-अलग तिथियों में 10 लाख से अधिक तीर्थयात्री पंजीकरण कर चुके हैं। बाबा केदार के कपाट दो मई को खुल रहे हैं। जबकि बदरीनाथ धाम के कपाट चार मई को खुलेंगे। 30 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ यात्रा का आगाज होगा।

पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार केदारनाथ धाम के लिए 3.29 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 3.02 लाख, गंगोत्री के लिए 1.85 लाख व यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए 1.79 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार 60 प्रतिशत पंजीकरण ऑनलाइन किए जा रहे हैं। जबकि 40 प्रतिशत पंजीकरण यात्रा शुरू होने के बाद आफलाइन की जाएगी। इसके लिए हरिद्वार, ऋषिकेश के साथ यात्रा मार्गों पर पंजीकरण केंद्र खोले जाएंगे।

 

 

धन सिंह भी यहीं हैं और मैं भी यहीं हूं…कैबिनेट विस्तार की चर्चा के बीच जानें क्या बोले सीएम

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि एक महीने से कैबिनेट विस्तार व बदलाव की चर्चा हो रही है, धन सिंह भी यहीं हैं और मैं भी यहीं हूं। शुभ मुहूर्त आ जाएगा और आपको पता लग जाएगा। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को दून मेडिकल कॉलेज सभागार में एक कार्यक्रम के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत कर रहे थे।

नई दिल्ली प्रवास से लौटने के बाद मुख्यमंत्री जब कार्यक्रम से फारिग हुए तो मीडियाकर्मियों ने कैबिनेट में फेरबदल को लेकर उनसे प्रश्न किया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा, आप लोग पिछले कई दिनों से इस पर बात कर रहे हैं, हो जाएगा परिवर्तन। मैं स्पष्ट कर दूं कि हमारा मीडिया, वह लोकतंत्र का महत्वपूर्ण चौथा स्तंभ है।

शुभ मुहूर्त आ जाएगा और आपको पता लग जाएगा
मैं आप सभी से अपेक्षा करता हूं कि राज्य में जिन चीजों का सिर पैर नहीं होता है, उन पर चर्चाएं कैसे होती हैं? पत्रकारिता और मीडिया की प्रमाणिकता बनी रहनी चाहिए। कभी ये परिवर्तन वो परिवर्तन, आप लोग एक महीने से इसे चला रहे हैं। एक महीने से स्थिति जस की तस है। प्रमाणिकता किसकी खराब हो रही है।

धन सिंह भी यहीं हैं और मैं भी यहीं हूं। शुभ मुहूर्त आ जाएगा और आपको पता लग जाएगा। पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के त्यागपत्र के बाद प्रदेश मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई थीं। इस बीच मुख्यमंत्री जब-जब दिल्ली गए, इसे कैबिनेट विस्तार से जोड़कर देखा गया। सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी खबरें भी खूब प्रसारित हुई। लेकिन मुख्यमंत्री ने इन सभी चर्चाओं पर यह कहकर विराम लगा दिया कि एक महीने में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

सांसद त्रिवेंद्र ने लोकसभा में उठाया अवैध खनन का मुददा

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हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गुरुवार को लोकसभा में अवैध खनन से भरे ट्रकों और उनसे सड़कों पर जनता की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुददे की ओर सरकार का ध्यान आकृष्ट किया।उन्होंने लोकसभा स्पीकर के जरिए केंद्र सरकार से मांग की कि अवैध तरीके से खनन सामग्री से भरे तेज गति से सड़कों पर चल रहे वाहनों की निगरानी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए। उन्होंने अवैध खनन सामग्री ढोने वाले ट्रक मालिकों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। ऐसा दूसरी बार हुआ जब हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा सदन में हरिद्वार समेत पूरे राज्य में अवैध खनन का मुददा उठाया है।

 

पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और उधमसिंह नगर के जिलों में रात के समय अवैध रूप से संचालित खनन ट्रकों का संचालन हो रहा है। यह कानून और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है। अपितु आम जनमानस की सुरक्षा को भी गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। यह देखा गया है कि राज्य सरकार और प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बाबजूद खनन माफियाओं द्वारा रात्रि के समय ट्रकों का अवैध संचालन धडल्ले से किया जा रहा है। इन ट्रकों में भारी मात्रा में ओवरलोडिंग की जाती है। बिना किसी वैध अनुमति के खनिजों का परिवहन किया जाता है। अवैध गतिविधियों के कारण राज्य में सड़कों, पुलों के बुनायादी ढांचे को भारी क्षति हो रही है। इससे आम नागारिकों के लिए आवागमन कठिन हो गया है। सबसे अधिक चिंताजनक बात यह है कि लापरवाही और तेज गति से वाहन संचालन के कारण सड़क दुर्घटनाओं लगातार बृद्धि हो गई है। कई निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है। कई घायल हो चुके है। ट्रक चालकों द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और नशे की हालत में वाहन चलाना स्थानीय प्रशासन से मिलीभगत के चलते स्थिति और भी भयावह होती जा रही है।

 

उन्होंने स्पीकर के जरिए कहा कि यह भी आवश्यक है कि केंद्र सरकार इस गंभीर समस्या की ओर तत्काल ध्यान दे। प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

त्रिवेंद्र ने कहा कि केंद्र सरकार और उत्तराखंड राज्य प्रशासन से आग्रह करते है कि अवैध खनन गतिविधियों को रोकने के लिए यह विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए। रात्रि के समय खनन के वाहनों पर प्रतिबंध लगाया जाए और सख्ती से निगरानी की जाए। ओवरलोडिंग रोकने हेतु सभी मुख्य मार्गो पर चेक पोस्ट लगाए जाए।

दोषी ट्रक मालिकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इस मामले में संलिप्त अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। लापरवाही बरतने वालों पर कठोर अनुशासत्मक कार्यवाही की जाए।

सीएम धामी देश के ताकतवर राजनीतिज्ञों में 32वें पायदान पर

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देश के मीडिया समूह इंडियन एक्सप्रेस द्वारा जारी की गई 100 सबसे ताकतवर भारतीयों की सूची में उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को देश के सबसे शक्तिशाली नेता के रूप में 32वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि पिछले वर्ष वह 61वें स्थान पर थे।सरकारी प्रेस नोट में यह जानकारी देते हुए कहा गया कि यह छलांग इस बात का प्रमाण है कि मुख्यमंत्री  ने अपनी नेतृत्व क्षमता, कड़ी मेहनत और समर्पण से राज्य के विकास को नया आयाम दिया है।

हाल ही में सीएम धामी सरकार ने तीन साल पूरे किए हैं। इस अवधि में यूसीसी, नकल कानून ,भू कानून समेत कई मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं और अनेक योजनाओं को धरातल पर उतारा हैं, जो न केवल राज्य की प्रगति को सुनिश्चित करते हैं, बल्कि देश की राजनीति में भी उनका प्रभाव और सम्मान बढ़ाते है।

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रैंकिंग का आधार

यूसीसी – अन्य राज्यों के लिए बनी ब्ल्यू प्रिंट
इंडियन एक्सप्रेस ने सीएम पुष्कर सिंह धामी की शानदार रैंकिंग के लिए उनके पिछले एक साल के कार्यकाल को आधार बनाया है। जिसमें उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को सबसे महत्वूपर्ण कदम बताया गया है। अखबार के मुताबिक उत्तराखंड समान नागरिक संहिता अन्य राज्यों के लिए ब्ल्यू प्रिंट की तरह काम कर रही है, इसके बाद, गुजरात ने भी अपने यहां समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए कमेटी का गठन कर लिया है।

राजनैतिक स्थिरता – इंडियन एकसप्रेस ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को राज्य में राजनैतिक स्थिरता कायम करने का भी श्रेय दिया है। अखबार के मुताबिक उत्तराखंड में 2017 से 2022 के बीच तीन- तीन मुख्यमंत्री बने, लेकिन अब पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में राजनैतिक स्थिरता लौट आई है। अखबार ने राष्ट्रीय खेलों के जरिए उत्तराखंड में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की तारीफ की है।

चुनावी सफलता- अखबार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काम काज का मूल्यांकन करते हुए कहा है कि, उनके नेतृत्व में भाजपा ने लोकसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों में शानदार सफलता हासिल की है, अब उनका लक्ष्य 2027 विधानसभा चुनाव है।

इसलिए महत्वपूर्ण है लिस्ट
इंडियन एक्स्रपेस समूह हर साल देश के 100 ताकतवर लोगों की लिस्ट जारी करता है, जिसमें राजनीति, लोक प्रशासन, उद्योग- कारोबार, सिनेमा, खेल सहित सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम करने वाले लोगों को उनके कार्यों और इसके असर के आधार पर रैंकिंग प्रदान की जाती है। इस साल की लिस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रथम स्थान पर रखा गया है। दूसरे स्थान पर गृहमंत्री अमित शाह, चौथे स्थान पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को रखा गया है। साथ ही उद्योगपति मुकेश अंबानी, गौतम अड़ानी, जय शाह, एनएसए अजित डोभाल, शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद, क्रिकेटर रोहित शर्मा, विराट कोहली, दक्षिण भारतीय अभिनेता विजय, अल्लू अर्जुन, बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन सहित यूपी, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और कई विपक्षी नेताओं को स्थान प्रदान किया गया है।

धामी सर्वाधिक युवा प्रभावशालियों में अखबार की लिस्ट में 49 वर्षीय उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 32वां स्थान प्रदान किया गया है। इस लिस्ट में 50 वर्ष से कम उम्र की बहुत कम राजनीतिक हस्तियां हैं जिनमें सीएम धामी भी हैं।

व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद यूकेडी के दो नेता गिरफ्तार

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क्षेत्रीय राजनीतिक ताकत उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के दो नेताओं आशुतोष नेगी और आशीष नेगी को होटल में जबरन घुसकर धमकी देने और अभद्रता करने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।मामला तब गंभीर हुआ जब घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और व्यापारियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस मुद्दे पर राजनीति तेज होने के पूरे आसार बन गए हैं।

 

क्या है मामला?

रजवाड़ा रेस्टोरेंट, नालापानी चौक रायपुर के मैनेजर आशीष शर्मा की शिकायत के अनुसार, उनका एक कर्मचारी सैफ 20 दिन काम करने के बाद 25 फरवरी को नौकरी छोड़कर चला गया। 26 फरवरी की शाम यूकेडी के छह-सात कार्यकर्ता सैफ के साथ रेस्टोरेंट पहुंचे और जबरन हंगामा करते हुए रेस्टोरेंट के मालिक दीपक गुप्ता व स्टाफ से बदसलूकी की।
आरोप है कि आशुतोष नेगी और आशीष नेगी ने दबाव बनाकर सैलरी के नाम पर 12,600 रुपये वसूले और प्रतिष्ठान की छवि खराब करने की धमकी दी।

व्यापारियों का प्रदर्शन और पुलिस की कार्रवाई

घटना के विरोध में व्यापारियों ने देहरादून एसएसपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग थानों में मुकदमे दर्ज हैं। आशुतोष नेगी पौड़ी का हिस्ट्रीशीटर है, जिस पर आठ मामले दर्ज हैं।

पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

आनन्द वर्धन उत्तराखंड के नये मुख्य सचिव बने

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वरिष्ठ आईएएस आनन्द वर्धन उत्तराखण्ड के नये मुख्य सचिव होंगे। 1992 बैच के आईएएस वर्द्धन मौजूदा मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की जगह लेंगे।

 

प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी आनंद बर्द्धन को उत्तराखंड का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। आनंद बर्द्धन एक अप्रैल को पदभार ग्रहण करेंगे।राधा रतूड़ी का सेवा विस्तार 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। आईएएस आनन्द वर्द्धन ही राज्य में सबसे वरिष्ठ नौकरशाह हैं।

Kedarnath Heli Service: इस बार भी IRCTC करेगा बुकिंग, 24 घंटे पहले टिकट रद्द किया तो वापस नहीं मिलेगा पैसा.

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चारधाम यात्रा में केदारनाथ धाम के लिए हेलिकॉप्टर टिकटों की बुकिंग अप्रैल के पहले सप्ताह में शुरू करने की तैयारी है। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) जल्द ही बुकिंग की तिथि घोषित करेगा।

इस बार भी ऑनलाइन हेली टिकटों की बुकिंग आईआरसीटीसी के माध्यम से की जाएगी। यूकाडा ने टिकटों को रद्द करने व किराया वापस करने के लिए नीति बनाई है। यदि कोई यात्री उड़ान समय से 24 घंटे पहले टिकट रद्द करता है तो हेली कंपनी किराया वापस नहीं करेगी। 48 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर किराये का 25 प्रतिशत ही वापस मिलेगा।

यात्रा के दौरान सबसे ज्यादा केदारनाथ हेली सेवा के लिए मारामारी रहती है। इस बार भी केदारनाथ धाम के लिए गुप्तकाशी, फाटा व सिरसी हेलिपैड से पवन हंस, हिमालयन हेली, ट्रांस भारत, ग्लोबल विक्ट्रा, थंबी एविएशन, केस्ट्रल एविएशन, एयरो एयरक्राफ्ट के माध्यम से हेली सेवा संचालित की जाएगी।

टिकट रद्द एवं किराया वापस नीति के अनुसार यात्रा तिथि से पांच दिन पहले टिकट रद्द करने पर 50 प्रतिशत किराया वापस होगा। जबकि पांच से अधिक दिन पहले टिकट रद्द करने पर किराया राशि का 75 प्रतिशत वापस मिलेगा। इसके अलावा खराब मौसम या तकनीकी कारणों के चलते उड़ान रद्द होने पर हेली कंपनी यात्रियों को पूरा किराया वापस करेगी।

 

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यूकाडा की सीईओ सोनिका ने बताया कि केदारनाथ हेली सेवा के लिए सभी तैयारी पूरी है। जल्द ही टिकटों की बुकिंग के लिए तिथि तय की जाएगी। हेली टिकट बुकिंग करने के बाद यदि यात्री किसी कारण से टिकट रद्द करता है तो उसे नीति के अनुसार किराया वापस किया जाएगा।

 

यमुनोत्री व गंगोत्री हेली सेवा के लिए डीजीसीए की अनुमति का इंतजार-

प्रदेश सरकार इस बार यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के लिए हवाई सेवा से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए डीजीसीए से अनुमति मिलने का इंतजार किया जा रहा है। डीजीसीए तकनीकी व सुरक्षा मानकों का परीक्षण करने के बाद ही अनुमति देती है। हालांकि यमुनोत्री धाम के लिए हेलिकॉप्टर की लैंडिंग का ट्रायल भी हो चुका है।

 

केदारनाथ हेली सेवा का किराया-

रूट                           2023     2024    प्रस्तावित किराया
सिरसी से केदारनाथ      5498     5,772      6061
फाटा से केदारनाथ        5500    5,774      6063
गुप्तकाशी से केदारनाथ  7740     8,126     8533
नोट-प्रति किराया आने व जाने का है।

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राज्य में लागू समान नागरिक संहिता के तहत लिव इन रिलेशनशिप के विरोध पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उनकी सरकार इस पर पीछे नहीं हटेगी। अलबत्ता जो भी सुझाव आएंगे, उनका स्वागत करेंगे। मुख्यमंत्री नई दिल्ली में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2022 के चुनाव में हमने प्रदेश की जनता को वचन दिया था कि भाजपा की सरकार बनेगी तो राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लागू करेंगे। हमने अपना वचन पूरा किया। लिव इन रिलेशनशिप के विरोध पर उन्होंने कहा कि बेशक यह हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है। लेकिन उच्चतम न्यायालय में यह विषय कई बार आया है।

हम लोकतांत्रिक मान्यताओं को मानने वाले लोग हैं। लिव इन रिलेशनशिप पर यदि कोई सुझाव आएगा तो उसका स्वागत करेंगे। लेकिन सरकार इस पर अब पीछे नहीं हटेगी।चारधाम यात्रा के दौरान रील कल्चर पर रोक से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीर्थांटन और पर्यटन के फर्क को समझना होगा।
बैकफुट में नहीं जाएंगे: धामी

चारधाम यात्रा विशुद्ध रूप से यात्रा होनी चाहिए। हमारे पूर्वजों के समय से यात्रा के नियम बने हैं। ये यात्रा धर्म के लिए है। पुराने रील चलाने से देश और दुनिया में गलत संदेश जाता है। सीएम ने कहा कि 2013 की आपदा के बाद केदारनाथ में पीएम मोदी के नेतृत्व व मार्गदर्शन में पुनर्निर्माण कार्य हुए।

केदारनाथ को भव्य और दिव्य बनाने के लिए इकोलॉजी का पूरा ध्यान रखा गया। इकोलॉजी और इकॉनमी में संतुलन हमारी सरकार के विकास का मॉडल है। धामों की अपनी एक धारण क्षमता है। इसलिए हम भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में नए स्थान विकसित कर रहे हैं। इन रिलेशनशिप का अब रिकॉर्ड है। कोई चेंज नहीं होगा। बैकफुट में नहीं जाएंगे। सुझावों को शामिल करेंगे।

 

 

आपदाएं राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती- धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के सामने सबसे बड़ी चुनौती आपदाएं हैं। यहां बादल फटने, भूस्खलन, हिमस्खलन की घटनाएं अकसर होती हैं। सिलक्यारा टनल हादसे पर उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, संवेदनशीलता और सहयोग से यह ऑपरेशन सफल रहा। आज वैज्ञानिक इस पर शोध कर रहे हैं।

 

 

हम कानून पर चलने वाले, इसलिए विरोध नहीं होता- धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और दुनिया के लोग देवभूमि को आस्था व श्रद्धा से देखते हैं। इसलिए राज्य में अतिक्रमण किसी भी कीमत पर सही नहीं है। अतिक्रमण हटाने का अभियान रुकने वाला नहीं है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अवैध मदरसों और मजारों के खिलाफ छेड़े गए अभियान का इसलिए विरोध नहीं होता क्योंकि हम कानून पर चलने वाले लोग हैं। राज्य में हर कार्रवाई और अभियान कानून के तहत हो रहे हैं। अनेक स्थानों में सरकारी भूमि पर अवैध मजारें बनीं थीं। इस लैंड जिहाद के खिलाफ हमने अभियान चलाया। करीब 6000 एकड़ सरकारी जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई गई। राज्य में मदरसों में पढ़ने वालों की पहचान छुपाई जा रही थी। जहां भी मदरसे अवैध पाए गए, उन्हें सील किया गया। हमारा मानना है कि देवभूमि की पवित्रता बनीं रहनी चाहिए।

 

वक्फ कानून भी राज्य में लागू कराएंगे-

मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण और डेमोग्राफी में बदलाव रोकने के लिए हमने सत्यापन अभियान चलाया। यूसीसी लागू किया। लैंड जिहाद रोकने के लिए अतिक्रमण हटाए। जबरन धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून बनाया। उत्तराखंड में वक्फ कानून भी लागू कराएंगे।

 

पीएम मोदी आधुनिक भारत के शिल्पकार- धामी

प्रधानमंत्री के साथ काम करने के अनुभव को भी सीएम धामी ने साझा किय। उन्होंने पीएम को आधुनिक भारत का शिल्पकार बताया। उन्होंने पीएम के साथ अपनी पहली मुलाकात के अनुभव को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि पीएम हर छोटी चीज पर ध्यान देते हैं। सामान्य व्यक्ति की चिंता करते हैं।

उत्तराखंड में मदरसों की मान्यता प्रक्रिया में हुआ बड़ा बदलाव, अब लेनी होगी इनकी इजाजत.

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उत्तराखंड में संचालित अवैध मदरसों पर सख्त रुख अपनाने के बाद सरकार अब मदरसों को मान्यता देने की व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है। मान्यता के लिए जिलाधिकारी की अनुमति जरूरी होगी। इसके साथ ही कुछ नए प्रविधान भी किए जाएंगे। 

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से इस सिलसिले में भेजे गए प्रस्ताव पर शासन मंथन में जुटा है। इसे वित्त, न्याय व कार्मिक विभाग को भेजा गया है।
मदरसा शिक्षा परिषद के अंतर्गत राज्य में लगभग 450 मदरसे पंजीकृत हैं, जो अपने सभी दस्तावेजों के साथ ही आय-व्यय का ब्योरा शासन को देते हैं।  यही नहीं, राज्य में 500 से अधिक मदरसे बिना किसी मान्यता के चल रहे हैं। इन अवैध मदरसों पर पिछले एक माह से कार्रवाई चल रही है और अभी तक 159 मदरसे सील किए जा चुके हैं। यही नहीं, सरकार ने अवैध मदरसों को मिलने वाली फंडिंग की जांच के आदेश भी दिए हैं। 

इसी क्रम में अब मदरसों को मान्यता देने की व्यवस्था को सख्त किया जा रहा है। इसके लिए नियमावली में बदलाव किया जाएगा। मदरसा शिक्षा परिषद की ओर से इसका प्रस्ताव भी शासन को भेजा गया है। इसमें मदरसों की मान्यता के लिए जिला प्रशासन की भूमिका तय करने पर जोर दिया गया है।

जिला प्रशासन की भूमिका तय करने पर बल

प्रस्ताव किया गया है कि मान्यता से संबंधित प्रत्येक आवेदन की डीएम की अध्यक्षता में गठित कमेटी सभी पहलुओं से जांच पड़ताल करेगी। फिर डीएम की संस्तुति के बाद आवेदन को मदरसा शिक्षा परिषद को भेजा जाएगा। 

अभी तक जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के माध्यम से प्राप्त होने वाले आवेदन मदरसा शिक्षा परिषद को भेजे जाने की व्यवस्था है। इसके अलावा मदरसों की मान्यता के नवीनीकरण में भी जिला प्रशासन की भूमिका तय करने पर बल दिया गया है।