Author: Manisha Rana

Transfer: उत्तराखंड में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 23 PCS अफसरों के बदले गए पदभार.

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शासन ने पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बड़ा फेरबदल किया है। शासन ने सोमवार देर शाम 23 पीसीएस अधिकारियों के पदभार में बदलाव की सूची जारी की है। 

शासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ शिव कुमार बरनवाल को सचिव बाल संरक्षण आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। पीसीएस अरविंद कुमार पांडेय को सचिव सूचना आयोग से अपर जिलाधिकारी टिहरी के पद पर भेजा गया है। अपर जिलाधिकारी टिहरी कृष्ण कुमार मिश्रा को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देहरादून के पद पर तैनाती दी गई है। 

अनिल गबर्याल बने अपर जिलाधिकारी पौड़ी –

अपर जिलाधिकारी हरिद्वार प्यारेलाल शाह को अपर जिलाधिकारी उत्तरकाशी के पद पर तैनाती दी गई है। महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम अनिल गबर्याल को अपर जिलाधिकारी पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। पीसीएस रजा अब्बास को सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग की जिम्मेदारी दी गई है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार युक्ता मिश्र को उप सचिव उत्तराखंड सूचना आयोग का पदभार सौंपा गया है।

डिप्टी कलेक्टर चंपावत सौरभ असवाल को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार के पद पर स्थानांतरित किया गया है। नगर आयुक्त रुड़की जितेंद्र कुमार को डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार गोपाल सिंह चौहान को इसी पद पर उत्तरकाशी स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर राकेश तिवारी को नगर आयुक्त रुड़की का पदभार सौंपा गया है। डिप्टी कलेक्टर देहरादून शालिनी नेगी को इसी पद पर टिहरी स्थानांतरित किया गया है
अपर निदेशक प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, हल्द्वानी ऋचा सिंह को डिप्टी कलेक्टर नैनीताल का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार कुश्म चौहान को डिप्टी कलेक्टर पौड़ी के पद पर स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर टिहरी सोनिया पंत को महाप्रबंधक उत्तराखंड परिवहन निगम का जिम्मा दिया गया है। डिप्टी कलेक्टर पौड़ी चतर सिंह चौहान को डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर का जिम्मा दिया गया है। 

डिप्टी कलेक्टर नैनीताल राहुल शाह को इसी पद पर पिथौरागढ़ भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर बागेश्वर मोनिका को इसी पद पर चंपावत स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल रेखा कोहली को डिप्टी कलेक्टर पिथौरागढ़ बनाया गया है। डिप्टी कलेक्टर नैनीताल प्रमोद कुमार को इसी पद पर बागेश्वर भेजा गया है। 

डिप्टी कलेक्टर यूएस नगर गौरव चटवाल को इसी पद पर देहरादून स्थानांतरित किया गया है। डिप्टी कलेक्टर नवाजिश खलिक को उत्तरकाशी से इसी पद पर नैनीताल भेजा गया है। डिप्टी कलेक्टर श्रेयस गुनसोला को पिथौरागढ़ से पौड़ी स्थानांतरित किया गया है।

Uttarakhand Weather: बदला मौसम का मिजाज, चारों धाम समेत चकराता में भी बर्फबारी, निचले इलाकों में बढ़ी ठंड.

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रविवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम के मिजाज के साथ ही चारों धामों सहित हर्षिल घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। वहीं, निचले इलाकों में बारिश होने से तापमान गिरने से ठंड बढ़ गई। वहीं, चकराता में भी सीजन की पहली बर्फबारी हुई।

इस साल बारिश और बर्फबारी का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा था। अमूमन नवंबर माह से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी व निचले क्षेत्रों में बारिश का दौर शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ, बल्कि इसकी जगह केवल सूखी ठंड पड़ने से बच्चे और बड़े सभी सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की चपेट में आ रहे थे। वहीं, काश्तकार भी सेब सहित अन्य फसलों के उत्पादन को लेकर चिंता जताने लगे थे। लेकिन रविवार दोपहर बाद मौसम बदलने से स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों के चेहरे खिल उठे।
उधर, केदारनाथ, मद्महेश्वर, तुंगनाथ सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को दोपहर बाद मौसम बदला और देर शाम को बर्फबारी शुरू हो गई। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे सेवानिवृत्त कैप्टन सोवन सिंह बिष्ट ने बताया कि धाम में अधिकतम तापमान माइनस 8 और न्यूनतम माइनस 11 डिग्री सेल्सियस चल रहा है।
वहीं, चमोली जनपद में बदरीनाथ के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रविवार को देर शाम बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बूंदाबांदी होने से कड़ाके की ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। चीन सीमा क्षेत्र के माणा पास, घस्तोली, बाड़ाहोती, सुमना क्षेत्र में देर शाम से बर्फबारी शुरू हो गई थी। यही हाल हेमकुंड साहिब क्षेत्र में भी रहा।

मसूरी में तापमान गिरकर 8 डिग्री तक पहुंचा-

पहाड़ों की रानी मसूरी में रविवार को सुबह चटक धूप के साथ दिन की शुरुआत हुई, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने करवट ली और शहर में ठंडी हवा के साथ घने बादल छा गए। इससे शहर में कड़ाके की ठंड हो गई, तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शहर में साढ़े चार बजे अधिकतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया।

अगले दो दिन बारिश-बर्फबारी का अलर्ट-

मौसम वैज्ञानिकों ने ऊंचाई वाले इलाकों में आठ और नौ दिसंबर को हल्की बारिश के साथ बर्फबारी होने के आसार जताए हैं। इसके चलते प्रदेश में पहाड़ से लेकर मैदान तक तापमान गिरने से ठिठुरन और भी बढ़ सकती है।

हालांकि 10 दिसंबर के बाद प्रदेशभर में फिर मौसम शुष्क हो जाएगा, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के चलते अधिकतम तापमान में तीन से पांच डिग्री तक की गिरावट दर्ज की जाएगी। इसके चलते पहाड़ से लेकर मैदान तक ठिठुरन बढ़ सकती है।

Uttarakhand Electricity Bill: उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगी बड़ी राहत, लौटाए जाएंगे 103 करोड़; जानिए किन लोगों को मिलेगी छूट.

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 उत्तराखंड के बिजली उपभोक्ताओं को ऊर्जा निगम ने फिर राहत दी है। दिसंबर के बिल में भी निगम औसत 85 पैसे प्रति यूनिट की छूट देने जा रहा है। बाजार से सस्ती दरों पर बिजली खरीद के चलते फ्यूल एंड पावर पर्चेज कास्ट एडजेस्टमेंट (एफपीपीसीए) के तहत इस माह 103 करोड़ रुपये से अधिक उपभोक्ताओं को लौटाए जाएंगे। इस वर्ष पहले भी ऊर्जा निगम उपभोक्ताओं को इस प्रकार की राहत दे चुका है।

ऊर्जा निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने बताया कि उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के टैरिफ विनियमों के अनुसार यदि ऊर्जा निगम की मासिक विद्युत क्रय लागत अनुमोदित विद्युत क्रय लागत से अधिक होती है तो उसे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में एफपीपीसीए मद में चार्ज किया जाता है। इसके विपरीत यदि मासिक विद्युत क्रय लागत अनुमोदित विद्युत क्रय लागत से कम होती है तो उसे उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में वापस किया जाता है।

वर्ष 2024-25 की औसत विद्युत क्रय लागत 5.03 प्रति यूनिट अनुमोदित की गई थी, जिसके सापेक्ष ऊर्जा निगम की अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में औसत विद्युत क्रय लागत 4.69 प्रति यूनिट रही।

इस प्रकार अप्रैल से अक्टूबर की अवधि में ऊर्जा निगम की विद्युत क्रय लागत में अनुमोदित विद्युत क्रय लागत के सापेक्ष 0.34 प्रति यूनिट (6.77 प्रतिशत) की कमी आई। विद्युत क्रय लागत में हुई बचत की धनराशि को मासिक आधार पर उपभोक्ताओं को विद्युत बिलों में एफपीपीसीए मद में छूट रूप में प्रदान किया जा रहा है। पूर्व माह की भांति दिसंबर के बिलों में कुल 103.52 करोड़ (0.85 रुपये प्रति यूनिट) की छूट प्रदान की जाएगी।

श्रेणीवार दी जाने वाली छूट-

श्रेणी प्रति यूनिट छूट
घरेलू 25 पैसे से 68 पैसे
अघरेलू 98 पैसे
गवर्नमेंट पब्लिक यूटिलिटी 92 पैसे
प्राइवेट ट्यूबवेल 30 पैसे
कृषि गतिविधयां 42 पैसे
एलटी इंडस्ट्री 91 पैसे
एचटी इंडस्ट्री 91 पैसे
मिक्स लोड 85 पैसे
रेलवे ट्रैक्शन 85 पैसे
ईवी चार्जिंग स्टेशन 81 पैसे

64 लोगों को बिजली चोरी करते पकड़ा, मुकदमा-

संवाद सूत्र, जागरण, लक्सर : विजिलेंस एवं ऊर्जा निगम की संयुक्त टीम ने पुलिस व पीएसी के साथ मंगलवार सुबह क्षेत्र में ताबड़तोड़ छापेमारी कर बड़ी मात्रा में बिजली चोरी पकड़ी। सुबह-सुबह घर के दरवाजे पर विजिलेंस, ऊर्जा निगम एवं पुलिस टीम को देख लोगों में हड़कंप मच गया।

64 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी के मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। अधिशासी अभियंता एसके गुप्ता ने बताया कि मंगलवार सुबह देहरादून से आई विजिलेंस व ऊर्जा निगम की संयुक्त टीम ने पुलिस व पीएसी के साथ लक्सर क्षेत्र के सुल्तानपुर, भोगपुर व जसद्दरपुर में छापेमारी की।

Maharashtra: देवेंद्र फरडणवीस होंगे महाराष्ट्र के नए CM, कल आजाद मैदान में लेंगे तीसरी बार शपथ।

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भाजपा कोर कमेटी की बैठक में देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) के नाम पर मुहर लग गई है। इसके बाद भाजपा विधायक दल की बैठक में पार्टी नेता चंद्रकांत पाटिल और सुधीर मुनगांटीवार ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा। इस पर सभी विधायकों ने उन्हें सर्वसम्मति से अपना नेता चुना।

केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में महाराष्ट्र विधानसभा भवन में विधायक दल की बैठक हुई। पांच दिसंबर को शाम पांच बजे दक्षिण मुंबई के आजाद मैदान में शपथ ग्रहण समारोह है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्रियों और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री की मौजूदगी में देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
कोर कमेटी की बैठक में महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में पार्टी को जीत मिली है। सभी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। जनता ने खुलकर वोट दिया।
देवेंद्र फडणवीस तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पहली बार 2014 में देवेंद्र मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने पांच साल अपना कार्यकाल पूरा किया था। हालांकि 2019 में वे महज 80 घंटे ही सीएम की कुर्सी पर रहे। हालांकि बाद में फडणवीस एकनाथ शिंदे की सरकार में डिप्टी सीएम की भूमिका भी निभा चुके हैं।

Uttarakhand: निकायों की जमीन और दुकान की लीज के लिए अब शासन की अनुमति जरूरी, जारी किए आदेश।

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उत्तराखंड के 105 नगर निकायों की जमीन व दुकान की लीज के लिए अब शासन की अनुमति जरूरी होगी। सचिव शहरी विकास नितेश झा ने इस संबंध में निकायों को आदेश जारी कर दिया है। लीज का नवीनीकरण भी शासन की अनुमति से ही होगा।

सचिव शहरी विकास नितेश झा के मुताबिक, यह संज्ञान में आया है कि कई नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत अपने स्वामित्व की जमीनों, भवन आदि को किराए और लीज पर बाजार दर से कम दरों पर आवंटित कर रहे हैं।

लीज की ऐसी संपत्तियां, जिनका नवीनीकरण पूरा हो चुका है, उन्हें भी बिना शासन के पूर्व अनुमोदन निकाय के स्तर से बाजार दरों से कम दरों पर नवीनीकरण किया जा रहा है। इससे नगर निकायों को आर्थिक रूप से काफी नुकसान हो रहा है। 

प्रस्तावों पर शासन के अनुमोदन के बिना मंजूर नहीं किया जाएगा

निकायों को गंभीरता अपनाते हुए सुधारात्मक कदम उठाने की जरूरत है। सचिव शहरी विकास ने 30 अप्रैल 2010 के शासनादेश को याद दिलाते हुए स्पष्ट किया है कि निकायों की ओर से लीज नवीनीकरण से संबंधित प्रस्तावों पर शासन के अनुमोदन के बिना मंजूर नहीं किया जाएगा।
निकायों के स्वामित्व या प्रबंधन की संपत्ति जैसे भूमि, व्यावसायिक भूमि आदि को किराए या लीज पर प्रचलित बाजार मूल्य से न्यून दरों पर आवंटित नहीं कर सकेंगे। बल्कि, बाजार मूल्य या उससे अधिक दरों पर आवंटित किया जाएगा।

देहरादून समेत कई नगर निकाय ऐसे हैं, जिनकी करोड़ों की संपत्तियां कुछ ही रुपयों के किराये पर दी गई हैं। इनमें कई संपत्तियां तो निकायों के प्रभावशाली लोगों ने अपने चहेतों को औने-पौने दामों पर लीज पर दी हुई हैं। माना जा रहा है कि सरकार की सख्ती के बाद इस दिशा में कुछ सुधार होगा।

 

Uttarakhand: बिजली उपभोक्ताओं के लिए सुविधा, अब UPCL के टोल फ्री नंबर पर भी ले सकते हैं स्मार्ट मीटर की जानकारी।

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प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का काम शुरू हो गया है। यूपीसीएल के टोल फ्री नंबर 1912 पर उपभोक्ता आपूर्ति संबंधी जानकारियों सहित स्मार्ट मीटर की जानकारी भी ले सकते हैं। यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि 24 घंटे का केंद्रीयकृत कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा है, जिस पर उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी शिकायतों के साथ ही स्मार्ट मीटर से जुड़ी जानकारियां भी दी जा रही हैं।

63 पुरुष और 42 महिला कर्मचारी तीन पालियों में सेवाएं दे रहे हैं। टोल फ्री नंबर पर बिजली संबंधी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजा जाता है, जिनका निवारण आसान होता है।उपभोक्ता की ओर से शिकायत दर्ज कराने के साथ ही शिकायत संख्या जारी कर दी जाती है।

उपभोक्ता स्वयं सेवा मोबाइल एप्लीकेशन से अपनी शिकायत को ट्रैक कर जानकारी भी ले सकते हैं। कॉल सेंटर से रोजाना 500 से अधिक समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। शिकायतों का त्वरित समाधान न होने पर उपभोक्ता यूपीसीएल के स्थानीय शिकायत केंद्रों पर जाकर भी अपनी दर्ज करा सकते हैं।

Farmer Protest: क्यों दिल्ली कूच पर अड़े किसान, कब से चल रहा किसानों का प्रदर्शन, जानिए क्या हैं किसानों की मांगें?

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संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हजारों किसान नोएडा से दिल्ली कूच करने पर अड़े हैं। किसानों के दिल्ली कूच आह्नान को देखते हुए पुलिस की ओर से जीरो प्वाइंट पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग की जा रही है। इसके अलावा कासना, दादरी अन्य रूट से दिल्ली जाने वाले मार्ग पर बैरिकेड लगाकर चेकिंग की जा रही है।
चेकिंग की वजह से कई चौराहों पर यातायात का दबाव है। कई किसान नेताओं को उनके घर में नजरबंद किया गया है। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए चार हजार से ज्यादा पुलिस बल सड़कों पर है। एक दिन पहले ही तीनों प्राधिकरण और जिला प्रशासन के साथ किसानों की बैठक विफल रही।
दो घंटे तक जारी बैठक में के बाद संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े किसान नेताओं ने सोमवार को दिल्ली कूच करने की घोषणा की है। किसान नेताओं ने दावा किया कि गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, हापुड़ और आगरा से आए किसान दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
पिछले काफी समय से किसान नोएडा की तीनों प्राधिकरण का घेराव करते आ रहे हैं। आंदोलन करने वाले किसान संगठन जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को 10 प्रतिशत विकसित प्लॉट और नए भूमि अधिग्रहण कानून का फायदा देने की मांग कर रहे हैं।
क्या हैं किसानों की मांगें-

  • 10 फीसदी विकसित भूखंड और 64.7 फीसदी अतिरिक्त मुआवजा प्रमुख मुद्दा है।
  • नए भूमि अधिग्रहण कानून के मुताबिक, एक जनवरी 2014 के बाद अधिग्रहित भूमि का मुआवजा दिया जाए
  • गौतमबुद्ध नगर में 10 वर्ष से सर्किल रेट भी नहीं बढ़ा है, उसे बढ़ाया जाए
  • जिले में नए भूमि अधिग्रहण कानून के लाभ लागू हों।
  • नए भूमि अधिग्रहण कानून के सभी लाभ, हाई पावर कमेटी द्वारा किसानों के हक में भेजी गई सिफारिशें लागू की जाएं
  • भूमिधर, भूमिहीन किसानों के बच्चों को रोजगार और पुनर्विकास के लाभ मिलें।

कब से हो रहा धरना-प्रदर्शन?

  • संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर मोर्चा से जुड़े 10 किसान संगठनों ने 25 नवंबर को प्रदर्शन कर महापड़ाव शुरू किया।
  • ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाद किसान यमुना प्राधिकरण दफ्तर के सामने 28 नवंबर से धरने पर बैठे हैं।
  • रविवार को किसानों और अधिकारियों के बीच हाईलेवल की बेनतीजा बैठक हुई

Uttarakhand: आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से आयुष्मान छोड़ने का आग्रह करेगी सरकार, बढ़ते बजट ने बढ़ाई सरकार की चिंता।

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प्रदेश में आर्थिक रूप से सक्षम लोगों से प्रदेश सरकार आयुष्मान योजना छोड़ने का आग्रह करेगी। वर्तमान में राज्य आयुष्मान योजना के तहत अमीर से लेकर गरीब तक सबको पांच लाख तक मुफ्त इलाज की सुविधा है। योजना में अब तक 12.32 लाख लोगों के इलाज पर 2289 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। आयुष्मान योजना का सालाना बजट 1200 करोड़ तक पहुंचने वाला है। वित्त विभाग ने बढ़ते बजट पर चिंता जताई है।

2018 में केंद्र सरकार ने गरीब परिवारों के लिए अटल आयुष्मान योजना शुरू की थी। इस योजना का लाभ लेने के लिए उत्तराखंड के 5.37 लाख परिवार ही पात्र थे। लेकिन प्रदेश सरकार ने 23 लाख परिवारों के लिए पांच लाख निशुल्क इलाज की सुविधा शुरू की।

बजट 1200 करोड़ तक पहुंचने की संभावना-

शुरुआत में योजना का बजट 100 से 200 करोड़ सालाना था। जो बढ़ कर 600 करोड़ तक पहुंच गया है। अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 तक योजना का बजट 1200 करोड़ तक पहुंचने की संभावना है। इस पर वित्त विभाग ने प्रदेश के सीमित संसाधनों का हवाला दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि प्रदेश सरकार आयुष्मान कार्ड पर प्रदेश के सभी लोगाें को पांच लाख मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है। लेकिन जो लोग आर्थिक रूप से सक्षम हैं और इलाज कराने में समर्थ हैं, उन लोगों से आयुष्मान कार्ड छोड़ने का आग्रह करेगी।

58 लाख से अधिक लोगों के बने आयुष्मान कार्ड-

प्रदेश में 23.89 लाख राशन कार्ड धारक परिवार हैं। इन परिवारों के 97.11 लाख लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। अब तक 58 लाख लाभार्थियों के कार्ड बन चुके हैं। इनमें 4.73 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों के गोल्डन कार्ड भी शामिल हैं।

Uttarakhand: सीमांत जिले में भी पांव पसार रहा HIV वायरस, 14 साल में 90 मामले आए पॉजिटिव।

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सीमांत जिला चमोली में एचआईवी पॉजिटिव मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले 14 वर्षों (2009-10 से वर्तमान तक) में जिले में 90 लोग पॉजिटिव आए हैं। वर्तमान में जिले के एआरटी सेंटर (एंटी रिट्रोरल वायरस थेरेपी) से 71 लोग दवा ले रहे हैं। पिछले एक साल में जिले में छह लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

चमोली की शांत वादियों में एचआईवी का बढ़ता प्रकोप चिंता का विषय बनता जा रहा है। वर्तमान में जिला अस्पताल गोपेश्वर के एआरटी सेंटर से 15 लोग एचआईवी की दवा ले रहे हैं। जिसमें चार पुरुष व 11 महिलाएं शामिल हैं। वहीं एआरटी सेंटर कर्णप्रयाग से वर्तमान में 56 लोग एचआईवी का उपचार करवा रहे हैं। पिछले एक साल की बात करें तो जिला अस्पताल गोपेश्वर में चार जबकि कर्णप्रयाग में दो मामले पॉजिटिव आए हैं।
पहले जिले में एआरटी सेंटर नहीं था, एक साल पहले उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में एआरटी सेंटर शुरू हुआ और जिला अस्पताल गोपेश्वर में लिंक एआरटी सेंटर शुरू किया गया। उसके बाद जो लोग दून या अन्य जगह के एआरटी सेंटर से एचआईवी की दवा लेते थे अब जिले में ही दवा ले रहे हैं।
एक साल पहले नवजात भी पाया गया पॉजिटिव
जिले में एक मामला ऐसा भी है जिसमें गर्भवती महिला के पॉजिटिव होने से उसका बच्चा भी पॉजिटिव पैदा हुआ। एक साल से बच्चे का उपचार चल रहा है, जो अब नेगेटिव आ चुका है, लेकिन उसका 18 महीने के होने तक उपचार चलता रहेगा। उसके बाद ही उसे नेगेटिव माना जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे मामले में बच्चे के जन्म लेने से 18 महीने का होने तक नियमित उपचार चलता है। यदि तब भी नेगेटिव नहीं आता है तो अंतिम टेस्ट 24 महीने का होने पर होता है। तब एचआईवी का जो स्टेटस रहेगा वही अंतिम माना जाता है।
पति-पत्नी भी पाॅजिटिव
जिले में एक मामला ऐसा भी आया है, जिसमें पति और पत्नी दोनों एचआईवी पॉजिटिव हैं। लेकिन दोनों की कोई ऐसी हिस्ट्री सामने नहीं आई जिसमें किसी पार्टनर के दूसरी जगह कोई संबंध रहे हों। जबकि एक मामले में पति पत्नी में एक पाॅजिटिव और एक नेगेटिव है।

गर्भवती महिलाओं की एचआईवी जांच जरूरी
महिला के गर्भवती होने पर उसकी एचआईवी जांच जरूरी होती है। यह इसलिए भी जरूरी होता है यदि महिला पॉजिटिव आती है और गर्भवती होने के शुरुआती समय में पता चल जाता है तो बच्चे को सुरक्षित किया जा सकता है। लेकिन गर्भवती होने के सात महीने बाद महिला पॉजिटिव आती है तो बच्चे को एचआईवी से बचाना मुश्किल होता है।

हर व्यक्ति को अपना एचआईवी स्टेटस पता होना चाहिए। समय पर पता चलने पर वह एड्स जैसी घातक बीमारी से तो बचता ही है, साथ ही उसका पार्टनर भी सुरक्षित रहता है। यह ऐसी बीमारी नहीं जो जानलेवा हो, नियमित दवा खाने से एचआईवी पॉजिटिव व्यक्ति भी सामान्य जिंदगी जी सकता है। इससे बचाव के लिए जागरुकता जरूरी है। एचआईवी क्या है और कैसे हो सकता है इसके बारे में पता होना जरूरी है।
– सरोजनी बिष्ट, आईसीटीसी काउंसलर, जिला अस्पताल गोपेश्वर, चमोली

Uttarakhand: अब केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी रोडवेज की बसें, नियम न मानने पर ड्राइवर और कंडक्टर पर होगी कार्रवाई.

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कई मार्गों पर रोडवेज की बसें केवल अधिकृत ढाबों पर ही रुकेंगी। अगर ड्राइवर-कंडक्टर ने मनमर्जी से बसें रोकी तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। महाप्रबंधक संचालन पवन मेहरा ने सभी सहायक महाप्रबंधकों को कड़ा पत्र जारी किया है।

कहा, देहरादून-दिल्ली, देहरादून-नैनीताल, टनकपुर-देहरादून, देहरादून-हरिद्वार-अंबाला, चंडीगढ़-देहरादून, दिल्ली-नैनीताल, टनकपुर-दिल्ली मार्गों पर परिवहन निगम प्रबंधन ने ढाबे और रेस्टोरेंट अधिकृत किए हुए हैं।

लेकिन, संज्ञान में आया है कि कई ड्राइवर-कंडक्टर बसों का ठहराव अवैध ढाबों या रेस्टोरेंट पर कर रहे हैं, जिससे यात्रियों से खाने के मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। निगम की छवि धूमिल हो रही है। स्पष्ट किया कि अग्रिम आदेशों या नए ढाबे अधिकृत करने तक पूर्व के अधिकृत ढाबों पर ही रोडवेज बसों का ठहराव सुनिश्चित किया जाए। अन्यथा कार्रवाई होगी।