Day: March 25, 2025

Uttarakhand: 6 पत्रकारों को मिलेगी 30 लाख की आर्थिक सहायता, पत्रकार कल्याण कोष समिति ने की सिफारिश.

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पत्रकार कल्याण कोष समिति ने छह पत्रकारों को 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की सिफारिश की है। इस सिफारिश पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जो समिति के अध्यक्ष भी हैं, अनुमोदन करेंगे। पत्रकार कल्याण कोष के लिए समिति के सामने 11 प्रकरण विचार के लिए आए थे।

आर्थिक सहायता वाले प्रकरणों में एक प्रकरण पिछले माह दिवंगत हुए पत्रकार मंजुल सिंह माजिला के परिवार को भी आर्थिक सहायता की सिफारिश की गई है। सोमवार को सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में हुई समिति की बैठक में शेष पांच प्रकरणों में अभिलेख अपूर्ण पाए गए।

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डीजी सूचना ने निर्देश दिए कि शेष रह गए प्रकरणों में एक मौका और देते हुए जिला सूचना अधिकारी आवेदन से संबंधित दस्तावेज पूरे कराएं। मुख्यमंत्री पत्रकार सम्मान पेंशन योजना के लिए समिति की बैठक हुई। बैठक में एक प्रकरण को समिति के समक्ष रखा गया।

आवश्यक अभिलेख न होने के कारण प्रकरण के मामले में निर्णय नहीं लिया गया। बैठक में पत्रकार कल्याण कोष समिति के गैर सरकारी सदस्य पत्रकार प्रतिनिधि बीडी शर्मा, डॉ. डीडी मित्तल, निशा रस्तोगी, दिनेश जोशी सहित सूचना विभाग के अपर निदेशक, आशिष कुमार त्रिपाठी तथा संयुक्त निदेशक केएस चौहान उपस्थित थे।

Uttarakhand News: सीएम धामी बोले- सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक प्राप्त करने के लिए उत्तराखंड सरकार प्रतिबद्ध.

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 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वर्ष 2030 तक सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इकोनॉमी और इकोलॉजी के संतुलन के लिए त्रिस्तरीय एवं नौ सूत्रीय नीति की शुरुआत की गई है, जो सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में एसडीजी एचीवर अवार्ड समारोह में तीन व्यक्तियों, नौ संस्थानों और चार औद्योगिक प्रतिष्ठानों को सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर उन्होंने गत वर्ष एसडीजी अवार्ड से पुरस्कृत व्यक्तियों और संस्थानों द्वारा की गई अभिनव पहल की पुस्तक अग्रगामी 2.0 और एसडीजी इंडेक्स उत्तराखंड 2023-24 का लोकार्पण भी किया।

एसडीजी इंडिया इंडेक्स में प्रथम स्थान पर राज्य-

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल पहले एसडीजी इंडिया इंडेक्स में राज्य नौवें स्थान पर था। आज राज्य देश में प्रथम स्थान पर है। गरीबी उन्मूलन, खाद्य सुरक्षा, पेयजल एवं स्वच्छता, जन्म के समय लिंगानुपात, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी विकास, वित्तीय समावेशन और जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में राज्य ने महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं।

 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री उद्यमिता प्रोत्साहन योजना, सौर ऊर्जा क्रांति, स्मार्ट सिटी मिशन और मुख्यमंत्री शहरी आजीविका योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से इन क्षेत्रों को सशक्त बनाने का कार्य कर रही है। राज्य में जलवायु परिवर्तन, आपदा प्रबंधन जैसी कई चुनौतियां हैं, जहां प्रभावी कार्य करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि सबके सामूहिक प्रयासों से हमे राज्य को और आगे बढ़ाना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-24 के लिए जारी जिलेवार रैंकिंग में प्रथम स्थान पर आने वाले नैनीताल, दूसरे स्थान पर आने वाले देहरादून और तीसरे स्थान पर आने वाले उत्तरकाशी के मुख्य विकास अधिकारियों को सम्मानित किया।

 

इस अवसर पर विधायक सविता कपूर, दुर्गेश्वर लाल, मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, यूएनडीपी की रेजिडेंट प्रतिनिधि डा एंजेला लुसुगी, पूर्व मुख्य सचिव एन रविशंकर, प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एसएस नेगी व सीपीपीजीजी के एसीईओ मनोज पंत उपस्थित थे।

 

एसडीजी अवार्ड से इन्हें किया गया सम्मानित-

  • व्यक्ति: गनन त्रिपाठी, गुरजीत सिंह और सुबोध शाह।
  • संस्थाएं: हिमालयन स्टडी सर्कल फार एनवायरमेंट चाइल्ड एजुकेशन हेल्थ एंड रिसर्च, सुविधा एनजीओ, जागृति सेवा समिति, शक्ति फार्म चारा उत्पादक सहकारी समिति, सोसायटी फार हिमालयन एसेंशियल नेचुरल एंड रिसर्च, हिम विकास सेल्फ रिलायंट को-आपरेटिव, भारतीय ग्रामोथान संस्था, दानपुर लोक कला संस्कृति संगम।
  • औद्योगिक प्रतिष्ठान: ब्रिटेनिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलेक्सो फुटवियन लिमिटेड, टीएचडीसीआइएल, टाटा एआइजी जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड।

उत्तराखंड में अवैध मदरसों पर धामी सरकार का एक्शन जारी, कालाढूंगी में 3 मदरसे हुए सील.

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प्रदेश में अवैध मदरसे व अतिक्रमण पर कार्रवाई जारी है। सोमवार को प्रशासन ने नगर में संचालित तीन अवैध मदरसों को सील कर दिया है। इससे अवैध मदरसा संचालकों में हड़कंप मचा है। प्रशासन की टीम और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पंजीकरण न कराने वाले तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की।

 

बता दें की बीते दो मार्च को खाटू श्याम बाबा के संकीर्तन में विशेष समुदाय के बच्चों ने पथराव किया था। इसके बाद पथराव करने वाले बच्चों को जुबेर आलम नामक व्यक्ति ने मदरसे में छिपा दिया। इसके बाद से हिन्दूवादी संगठनों व भाजपा कार्यकर्ताओं ने सीएम धामी को अवैध मदरसों व अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई की मांग की।

 

हाल में ही विधायक प्रतिनिधि विकास भगत ने कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम रेखा कोहली व ईओ अभिनव कुमार के साथ बैठक कर अवैध मदरसों व अतिक्रमण पर कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और फैज ए उल उलूम एहले सुन्नत वार्ड नं 7 (जामा मस्जिद), मदरसा इस्लामिया अरविया तालीमुल कुरान सोसाइटी वार्ड नंबर 04 (मोती मस्जिद) व रजा मदरसा अरबिया वार्ड नंबर 2 नौदिया फार्म एवं मदरसा जामिया हबीबिया दरगाह शरीफ का संयुक्त निरीक्षण किया गया।

 

निरीक्षण के दौरान मदरसों का पंजीकरण व अन्य ठोस दस्तावेज न पाये जाने के कारण मदरसों के संरक्षकों के समक्ष शांतिपूर्ण तरीके से तीन मदरसों को अग्रिम आदेशों तक सील बंद किया गया। वहीं, जामिया हबीबिया दरगाह शरीफ वार्ड नंबर र 4 (मदीना मस्जिद) में मदरसा न चलाए जाने के संबंध में प्रबंधक मो. मेहताब द्वारा दिए गए एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से बताया गया कि मदीना मस्जिद के निकट मदरसा पूर्व से ही बंद है और वहां किसी भी प्रकार की कोई तालीम नहीं दी जाती है।

 

मदरसों का अबतक नहीं कराया गया था रज‍िस्‍ट्रेशन-

एसडीएम रेखा कोहली ने बताया की मदरसों का विभाग में या मदरसा बोर्ड से कोई पंजीकरण अब तक नहीं कराया गया है। इस दौरान उपजिलाधिकारी रेखा कोहली, अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी जसविंदर सिंह, तहसीलदार मनीषा बिष्ट, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका अभिनव कुमार, थानाध्यक्ष पंकज जोशी तथा खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि प्रधानाचार्या बंसती मौजू रहीं।

Uttarakhand News: टिहरी झील की विकास परियोजना में 95 करोड़ के कार्यों को मंजूरी, प्रवेश द्वार का होगा निर्माण.

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एशियन डेवलमेंट बैंक(एडीबी) की सहायता प्राप्त टिहरी झील विकास परियोजना के तहत 95 करोड़ के कार्यों को मंजूरी दी गई। इसमें सीवर लाइन, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस कूड़ा प्रबंधन, प्रवेश द्वार व महादेव मंदिर का निर्माण किया जाएगा।

सचिवालय में सोमवार को मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में टिहरी झील विकास परियोजना के तहत होने वाले पर्यटन विकास संबंधित कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। नई टिहरी में 54.05 करोड़ रुपये की लागत से सीवर नेटवर्क के साथ 5 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे।

37.11 करोड़ रुपये की लागत से ठोस कूड़ा प्रबंधन व कचरा प्रबंधन सेंटर, 1.46 करोड़ की लागत से महादेव मंदिर का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा 2.33 करोड़ की लागत से प्रवेश द्वार निर्माण के प्रस्ताव को अनुमोदन दिया गया है।

बैठक में मुख्य सचिव ने टिहरी के मदन नेगी रोपवे के लिए ब्रिडकुल को नोडल एजेंसी नियुक्त करने की अनुमति दी। इसके साथ ही परियोजना कर्मचारियों के लिए टीए व डीए भत्ते, महिला कर्मचारियों के लिए चाइल्ड केयर लीव का अनुमोदन दिया गया। मुख्य सचिव ने जल संस्थान के ग्रामीण जलापूर्ति के लिए सेंटेज चार्ज के प्रस्ताव को वित्त विभाग में भेजने के निर्देश दिए।

Kedarnath Temple: इस बार संगम पर बने पुल से मंदिर तक पहुंचेंगे श्रद्धालु, आपदा के 11 साल बाद बनकर हुआ तैयार.

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आपदा के ग्यारह वर्ष बाद केदारनाथ मंदिर तक पहुंच के लिए स्थायी पैदल पुल बनकर तैयार हो गया है और इस वर्ष बाबा केदार के भक्त इसी पुल से होकर मंदाकिनी नदी किनारे बने आस्था पथ से मंदिर तक पहुंचेंगे। लोक निर्माण विभाग ने दो वर्ष में 54 मीटर लंबे पैदल पुल का निर्माण किया है।

 

इस पुल के बनने से हेलिपैड से मंदिर तक की दूरी भी कम हो गई है। आगामी 2 मई से केदारनाथ यात्रा शुरू होगी। इस वर्ष पैदल व हेलिकॉप्टर से धाम पहुंचने वाले श्रद्धालु मंदाकिनी व सरस्वती नदी के संगम पर बने 54 मीटर लंबे पुल से होकर मंदाकिनी नदी किनारे निर्मित आस्था पथ के रास्ते लगभग 450 मीटर की दूरी तय कर मंदिर में पहुंचेंगे।

यहां पर बाबा केदार के दर्शन कर श्रद्धालुओं को मंदिर मार्ग से वापस भेजा जाएगा। बीते दो वर्षों तक श्रद्धालु हेलिपैड से सरस्वती नदी किनारे बने आस्था पथ से होकर भैरवनाथ जाने वाले पुल से मंदिर तक पहुंच रहे थे।

इस दौरान उन्हें लगभग 800 मीटर की दूरी तय करनी पड़ रही थी। लेकिन, अब संगम पर बने पुल से यह दूरी 500 मीटर रह गई है।

बता दें कि 16/17 जून 2013 में आपदा से केदारनाथ में व्यापक नुकसान हो गया था। तब सैलाब में संगम पर बना स्थायी पुल भी बह गया था। पुल के बहने के बाद मंंदिर तक पहुंच के लिए बैली ब्रिज बनाया गया था, जिससे बीते नौ वर्ष तक यात्रा संचालित होती रही।

केदारनाथ पुनर्निर्माण के तहत वर्ष 2022 में इस पुल को हटाकर स्थायी पुल का कार्य शुरू किया गया था। लोक निर्माण विभाग ने विषम परिस्थितियों में करीब ढाई वर्ष में इस पुल को तैयार किया है। अब इसी पुल के सहारे केदारनाथ मंदिर तक पहुंचा जाएगा।

Kedarnath: बर्फ की घाटी से होकर बाबा केदार के दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु, हिमखंडों को काटकर बन रहा रास्ता, देखें तस्वीरें.

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Kedarnath Dham: बीते दिनों केदारनाथ में भारी बर्फबारी हुई थी। जिसके बाद से यहां भारी मात्रा में बर्फ जम गई है। लोनिवि के मजदूर बर्फ हटाने में जुटे हैं।

दो मई से शुरू होने वाली केदारनाथ यात्रा के दौरान बाबा केदार के भक्त बर्फ की संकरी घाटी से होकर धाम पहुंचेंगे। गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से लिनचोली के बीच पसरे विशालकाय हिमखंडों को काटकर लोक निर्माण विभाग के मजदूर रास्ता तैयार करने में जुटे हैं।

इस वर्ष फरवरी पहले सप्ताह और इस माह के पहले व दूसरे सप्ताह में केदारनाथ सहित पैदल मार्ग तक भारी बर्फबारी हुई थी। इन दिनों भी केदारनाथ में तीन फीट से अधिक बर्फ जमा है।

 

 

वहीं, गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर रामबाड़ा से केदारनाथ तक बर्फ के कारण पैदल आवाजाही संभव नहीं है। यहां बीते 14 मार्च से लोक निर्माण विभाग के 70 से अधिक मजदूर बर्फ को काटकर रास्ता बनाने में जुटे हैं।

11 दिनों में लगभग ढाई किमी हिस्से में बर्फ साफ कर आवाजाही के लिए रास्ता तैयार हो चुका है। इन दिनों मजदूर थारू हिमखंड को काटने में जुटे हैं। यहां पर लगभग 20 फीट ऊंचे हिमखंड को काटकर ढाई फीट चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है।

बर्फ काटने से यहां गहरी व संकरी घाटी सी बन गई है। इन हालातों में यहां बर्फ खिसकने का खतरा बना है। लोनिवि के अधिशासी अभियंता विनय झिक्वांण ने बताया कि मौसम अनुकूल नहीं होने के बाद भी बर्फ सफाई का कार्य जोरों पर चल रहा है। हिमखंड जोन पर आने वाले दिनों में रास्ते की चौड़ाई बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।